---Advertisement---

27 साल बाद रिटायर हुईं सुनीता विलियम्स: दिल्ली में बोलीं—भारत आना घर वापसी जैसा, चांद पर जाना चाहती हूं

January 21, 2026 5:15 PM
---Advertisement---

भारतीय मूल की अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स ने 27 साल की ऐतिहासिक सेवा के बाद NASA से रिटायरमेंट ले लिया है। NASA ने उनकी रिटायरमेंट की आधिकारिक घोषणा 20 जनवरी को की, जो 27 दिसंबर 2025 से प्रभावी होगी। इस मौके पर दिल्ली के अमेरिकन सेंटर में आयोजित ‘आंखें सितारों पर, पैर जमीन पर’ सेमिनार में सुनीता विलियम्स ने अंतरिक्ष, भविष्य की स्पेस रेस और भारत से अपने गहरे जुड़ाव पर खुलकर बात की।

सुनीता विलियम्स ने कहा कि इस समय दुनिया में अंतरिक्ष को लेकर एक नई स्पेस रेस चल रही है, लेकिन लक्ष्य केवल चांद पर पहले पहुंचना नहीं होना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि मानवता के लिए सुरक्षित, टिकाऊ और लंबे समय तक रहने योग्य अंतरिक्ष मिशन तैयार करना जरूरी है। उनके अनुसार, अंतरिक्ष अनुसंधान सहयोग, पारदर्शिता और लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ आगे बढ़ना चाहिए, ताकि किसी एक देश का दबदबा न बने और पूरी दुनिया को इसका लाभ मिले। उन्होंने इस मॉडल की तुलना अंटार्कटिका जैसे अंतरराष्ट्रीय सहयोग से की।

भारत को लेकर भावुक होते हुए सुनीता ने कहा कि भारत आना उन्हें घर वापसी जैसा लगता है। उनके पिता गुजरात के मेहसाणा जिले के झूलासन गांव से थे, जिससे उनका भारत से भावनात्मक रिश्ता जुड़ा हुआ है। चांद पर जाने के सवाल पर उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि वह चंद्रमा पर जाना चाहती हैं, लेकिन शायद उनके पति इसकी इजाजत नहीं देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि अब जिम्मेदारी अगली पीढ़ी को सौंपने का समय है, ताकि युवा वैज्ञानिक और अंतरिक्ष यात्री अंतरिक्ष खोज में अपनी पहचान बना सकें।

अपने करियर की बात करें तो सुनीता विलियम्स 1998 में NASA से जुड़ी थीं और उन्होंने तीन अंतरिक्ष मिशनों में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने कुल 608 दिन अंतरिक्ष में बिताए। पहली बार वे 9 दिसंबर 2006 को अंतरिक्ष गई थीं। उन्होंने 9 स्पेसवॉक कीं और 62 घंटे 6 मिनट तक अंतरिक्ष में चहलकदमी की, जो किसी भी महिला अंतरिक्ष यात्री द्वारा सबसे अधिक है। वे अंतरिक्ष में मैराथन दौड़ने वाली पहली महिला भी बनीं।

सुनीता का आखिरी स्पेस मिशन मूल रूप से केवल 8 से 10 दिनों का था, लेकिन तकनीकी कारणों से यह मिशन साढ़े नौ महीने तक खिंच गया। वे लंबे समय तक इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर रहीं। इस दौरान उन्होंने मल्टी-कल्चरल क्रू के साथ काम किया और अंतरिक्ष में त्योहार मनाने के अनुभव भी साझा किए। उन्होंने माना कि स्पेस से धरती को देखने के बाद जीवन का नजरिया पूरी तरह बदल जाता है और यह एहसास होता है कि पूरी मानवता एक है।

अंतरिक्ष में बढ़ते मलबे को लेकर भी उन्होंने चिंता जताई और कहा कि पिछले एक दशक में यह एक बड़ी चुनौती बन चुका है, जिससे निपटने के लिए नई और उन्नत तकनीक की जरूरत है। फिलहाल सुनीता विलियम्स 4 से 5 दिन के भारत दौरे पर हैं। उनके कार्यक्रमों का पूरा शेड्यूल सार्वजनिक नहीं किया गया है, लेकिन वे केरल लिटरेचर फेस्टिवल में भी भाग ले सकती हैं। 27 साल के शानदार करियर के साथ सुनीता विलियम्स अंतरिक्ष इतिहास में एक प्रेरणादायक अध्याय छोड़कर नई पीढ़ी के लिए मार्ग प्रशस्त कर रही हैं।

Admin

ओम भारद्वाज एक अनुभवी मीडिया प्रोफेशनल हैं, जिन्हें मीडिया क्षेत्र में 22 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वह India Insights News के संस्थापक एवं मालिक हैं। पत्रकारिता के साथ-साथ वह समाजसेवा और जनहित के कार्यों में सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं। अपनी वेबसाइट और न्यूज़ चैनल के माध्यम से वह जनता की आवाज़ को मंच देते हैं और सामाजिक मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हैं। उनका उद्देश्य निष्पक्ष पत्रकारिता के जरिए समाज में सकारात्मक बदलाव लाना है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Related Stories

Leave a Comment