जोधपुर कृषि विश्वविद्यालय के सप्तम दीक्षांत समारोह में 403 विद्यार्थियों को उपाधि, 15 को स्वर्ण पदक
जोधपुर, 20 मार्च। राज्यपाल एवं कुलाधिपति हरिभाऊ बागडे ने शुक्रवार को कहा कि दीक्षांत समारोह केवल उपाधि प्रदान करने का अवसर नहीं, बल्कि यह विद्यार्थियों के नव जीवन में प्रवेश का महत्वपूर्ण क्षण है। वे कृषि विश्वविद्यालय, जोधपुर के सप्तम दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे।
समारोह में कुल 403 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं तथा 15 मेधावी विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया।
समाज सेवा विद्यार्थियों का कर्तव्य
राज्यपाल बागडे ने कहा कि विश्वविद्यालय में अर्जित ज्ञान का प्रकाश समाज के प्रत्येक कोने तक पहुंचाना विद्यार्थियों का दायित्व है। उन्होंने कृषि को भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताते हुए कहा कि देश की बड़ी आबादी इससे जुड़ी हुई है।
आधुनिक तकनीक और कृषि का समन्वय आवश्यक
राज्यपाल ने विश्वविद्यालय से अपेक्षा की कि वह कृषि एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नवाचार आधारित शोध को बढ़ावा दे, जिससे स्थानीय जलवायु के अनुरूप उन्नत खेती को प्रोत्साहन मिल सके। उन्होंने कहा कि आज कृषि की नई चुनौतियों के समाधान हेतु कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), ड्रोन एवं रोबोटिक्स का उपयोग अत्यंत आवश्यक हो गया है। एआई के विवेकपूर्ण उपयोग पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि इससे किसानों की उत्पादकता और आय में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है।
उन्होंने ‘जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान और जय अनुसंधान’ के मंत्र को अपनाने का आह्वान करते हुए शोध एवं नवाचार को कृषि विकास की प्राथमिकता बताया।
प्राकृतिक खेती और जल संरक्षण पर जोर
राज्यपाल ने प्राकृतिक खेती की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग से मिट्टी की सेहत प्रभावित हो रही है। उन्होंने जल संरक्षण को आज की सबसे बड़ी आवश्यकता बताते हुए कहा —
“पानी की बचत ही उसका उत्पादन है।”
उन्होंने पारंपरिक कृषि ज्ञान, स्थानीय किसानों के अनुभव और आधुनिक विज्ञान के समन्वय से टिकाऊ कृषि प्रणाली विकसित करने का आग्रह किया।
विश्वविद्यालय की उपलब्धियों की सराहना
राज्यपाल ने विश्वविद्यालय को भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) द्वारा ‘ए’ ग्रेड मिलने पर बधाई दी। उन्होंने वैज्ञानिकों द्वारा विकसित उन्नत फसल किस्मों, कृषि मशीनरी परीक्षण केंद्र की स्थापना, बाजरे की देशी किस्मों के संरक्षण तथा मेहंदी कटाई मशीन जैसे अभिनव नवाचारों की विशेष सराहना की। उन्होंने मिलेट्स (मोटे अनाज) के बढ़ते वैश्विक महत्व का उल्लेख करते हुए इस दिशा में और अधिक कार्य करने का आह्वान किया।
केंद्रीय मंत्री शेखावत का संबोधन
केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि यह समारोह प्रत्येक विद्यार्थी के जीवन में एक महत्वपूर्ण संकल्प का क्षण है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की इस उपलब्धि में विश्वविद्यालय के शिक्षकों के मार्गदर्शन के साथ-साथ अभिभावकों के त्याग एवं तपस्या का भी बड़ा योगदान है।
नए भवनों का लोकार्पण
समारोह में राज्यपाल द्वारा सावंत कुआं, बावड़ी स्थित डेयरी एवं खाद प्रौद्योगिकी महाविद्यालय तथा प्रौद्योगिकी एवं कृषि अभियांत्रिकी महाविद्यालय के छात्रावासों का लोकार्पण किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के विभिन्न प्रकाशनों का विमोचन भी किया गया।




