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ईरान जंग का असर, FuelPriceHike से आम आदमी परेशान, CNG चौथी बार महंगी

May 31, 2026 11:51 AM
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FuelPriceHike का बड़ा झटका, CNG फिर हुई महंगी, पेट्रोल-डीजल के दाम भी बढ़े

FuelPriceHike ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते युद्ध जैसे हालात का असर अब आम लोगों की जेब पर साफ दिखाई देने लगा है। पेट्रोल-डीजल के बाद अब CNG की कीमतों में भी लगातार बढ़ोतरी हो रही है। पिछले दो हफ्तों के भीतर चौथी बार CNG महंगी हुई है। इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड यानी IGL ने 26 मई से CNG के दामों में ₹2 प्रति किलो की बढ़ोतरी कर दी है। FuelPriceHike अब देशभर में चर्चा का बड़ा मुद्दा बन चुका है।

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नई कीमतों के बाद दिल्ली में CNG ₹81.09 से बढ़कर ₹83.09 प्रति किलो हो गई है। वहीं नोएडा, गाजियाबाद और ग्रेटर नोएडा में अब CNG ₹91.70 प्रति किलो मिलेगी। गुरुग्राम में इसकी कीमत ₹88.12 प्रति किलो पहुंच गई है। लगातार बढ़ रही कीमतों से रोजाना CNG वाहन चलाने वाले लोगों की जेब पर सीधा असर पड़ रहा है। यह FuelPriceHike अब आम आदमी के बजट को बिगाड़ने लगा है।

सिर्फ CNG ही नहीं, पेट्रोल और डीजल के दामों में भी लगातार बढ़ोतरी हो रही है। तेल कंपनियों ने 25 मई को पेट्रोल ₹2.61 और डीजल ₹2.71 प्रति लीटर महंगा कर दिया। इसके बाद दिल्ली में पेट्रोल की कीमत ₹102.12 और डीजल ₹95.20 प्रति लीटर पहुंच गई है। पिछले एक महीने में यह चौथी बार है जब ईंधन के दाम बढ़ाए गए हैं। FuelPriceHike ने अब ट्रांसपोर्ट से लेकर घरेलू खर्च तक हर चीज पर असर डालना शुरू कर दिया है।

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विशेषज्ञों के मुताबिक इस बढ़ोतरी की सबसे बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल यानी क्रूड ऑयल की कीमतों में तेजी है। ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ने से पहले क्रूड ऑयल करीब 70 डॉलर प्रति बैरल था, लेकिन अब इसकी कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है। कच्चे तेल की कीमत बढ़ने से सरकारी तेल कंपनियों पर भारी दबाव बन गया है। FuelPriceHike के पीछे यही सबसे बड़ा कारण माना जा रहा है।

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बताया कि सरकारी तेल कंपनियों को हर दिन करीब 600 करोड़ रुपए का नुकसान हो रहा है। इससे पहले कंपनियों को रोजाना लगभग 1000 करोड़ रुपए तक का घाटा उठाना पड़ रहा था। तेल कंपनियों का कहना है कि घाटे की भरपाई के लिए कीमतों में बढ़ोतरी करना जरूरी हो गया था। अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में यही स्थिति बनी रही तो आने वाले दिनों में FuelPriceHike और भी बढ़ सकता है।

CNG, पेट्रोल और डीजल महंगे होने का असर सिर्फ गाड़ियों तक सीमित नहीं रहेगा। इसका असर अब रोजमर्रा की चीजों पर भी दिखना शुरू हो सकता है। सबसे पहले मालभाड़ा बढ़ेगा। ट्रक और टेम्पो का किराया बढ़ने से दूसरे राज्यों से आने वाली सब्जियां, फल और राशन महंगे हो सकते हैं। FuelPriceHike का असर अब सीधे आम जनता की रसोई तक पहुंच सकता है।

खेती की लागत भी बढ़ने वाली है। किसान ट्रैक्टर और पंपिंग सेट चलाने के लिए ज्यादा पैसा खर्च करेंगे। इससे अनाज और दूसरी फसलों की लागत बढ़ सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर ईंधन की कीमतें ऐसे ही बढ़ती रहीं तो आने वाले महीनों में महंगाई और तेजी से बढ़ सकती है। FuelPriceHike अब किसानों के लिए भी बड़ी चिंता बन गया है।

सार्वजनिक परिवहन पर भी इसका असर दिखाई देगा। बस, ऑटो और स्कूल बसों के किराए बढ़ सकते हैं। रोजाना सफर करने वाले लोगों का खर्च बढ़ना तय माना जा रहा है। खासकर नौकरीपेशा और मध्यम वर्गीय परिवारों को इससे सबसे ज्यादा परेशानी हो सकती है। FuelPriceHike अब हर वर्ग की जेब पर असर डाल रहा है।

दिलचस्प बात यह है कि पिछले कुछ वर्षों में CNG गाड़ियों की बिक्री तेजी से बढ़ी थी। भोपाल जैसे शहरों में पिछले तीन साल में CNG वाहनों की बिक्री करीब 50 प्रतिशत तक बढ़ गई। इसकी सबसे बड़ी वजह पेट्रोल और डीजल की तुलना में कम खर्च और ज्यादा माइलेज था। हर दिन शोरूम से 10 से 15 CNG गाड़ियां बिक रही थीं। लेकिन अब लगातार बढ़ रही कीमतों ने CNG वाहन मालिकों की चिंता भी बढ़ा दी है। FuelPriceHike के बाद लोग अब फिर से अपने खर्च का हिसाब लगाने लगे हैं।

अब बात करते हैं CNG आखिर होती क्या है। CNG का पूरा नाम कंप्रेस्ड नेचुरल गैस है। यह मुख्य रूप से मीथेन गैस से बनती है और पेट्रोल-डीजल की तुलना में काफी कम प्रदूषण फैलाती है। यह गैस जमीन के नीचे बने तेल और गैस के कुओं से निकाली जाती है। इसके बाद फैक्ट्रियों में इसकी सफाई की जाती है और फिर इसे बहुत ज्यादा दबाव देकर सिलेंडरों में भरा जाता है। इसी गैस का इस्तेमाल गाड़ियों में ईंधन के रूप में किया जाता है। FuelPriceHike के बीच अब CNG भी लोगों के लिए सस्ता विकल्प नहीं रह गया है।

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Admin

ओम भारद्वाज एक अनुभवी मीडिया प्रोफेशनल हैं, जिन्हें मीडिया क्षेत्र में 22 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वह India Insights News के संस्थापक एवं मालिक हैं। पत्रकारिता के साथ-साथ वह समाजसेवा और जनहित के कार्यों में सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं। अपनी वेबसाइट और न्यूज़ चैनल के माध्यम से वह जनता की आवाज़ को मंच देते हैं और सामाजिक मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हैं। उनका उद्देश्य निष्पक्ष पत्रकारिता के जरिए समाज में सकारात्मक बदलाव लाना है।

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