Assam, केरल, पुदुचेरी में मतदान, जनता में भारी उत्साह
Assam, केरल और पुदुचेरी में आज विधानसभा चुनाव के तहत मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण तरीके से जारी है। तीनों राज्यों में एक ही चरण में मतदान हो रहा है, जिसे लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है और प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। चुनाव आयोग के अनुसार, गुरुवार सुबह 11 बजे तक Assam में 39%, केरल में 33% और पुदुचेरी में 37% मतदान दर्ज किया गया है, जो लोकतंत्र के प्रति लोगों की बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है।

Assam में कुल 126 विधानसभा सीटों के लिए मतदान हो रहा है। राज्य में सत्तारूढ़ दल और विपक्ष के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मतदान से पहले कामाख्या मंदिर में पूजा-अर्चना कर जीत का आशीर्वाद लिया। गुवाहाटी समेत राज्य के कई हिस्सों में सुबह से ही मतदान केंद्रों पर लंबी कतारें देखी गईं। युवा, महिलाएं और बुजुर्ग सभी उत्साह के साथ वोट डालने पहुंचे।
वहीं, दक्षिण भारत के राज्य केरल में 140 विधानसभा सीटों पर मतदान जारी है। यहां पर सत्तारूढ़ वाम मोर्चा और कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ के बीच सीधा मुकाबला माना जा रहा है। मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने सुबह-सुबह अपना वोट डालकर लोगों से भी लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लेने की अपील की। केरल में उच्च साक्षरता दर के चलते हर चुनाव में मतदान प्रतिशत अच्छा रहता है, और इस बार भी यही रुझान देखने को मिल रहा है।
पुदुचेरी की बात करें तो यहां 30 विधानसभा सीटों पर मतदान हो रहा है। केंद्र शासित प्रदेश होने के बावजूद यहां की राजनीति काफी दिलचस्प रहती है। मुख्यमंत्री एन रंगास्वामी मतदान करने के लिए मोटरसाइकिल से पोलिंग बूथ पहुंचे, जिसने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। उनका यह अंदाज सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बन गया है। पुदुचेरी में भी मतदाता बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं।
चुनाव आयोग ने तीनों क्षेत्रों में निष्पक्ष और पारदर्शी मतदान सुनिश्चित करने के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। संवेदनशील और अति-संवेदनशील बूथों पर विशेष सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। साथ ही, कोविड-19 जैसी स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक सावधानियां भी बरती जा रही हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन तीनों राज्यों के चुनाव परिणाम देश की राजनीति पर व्यापक असर डाल सकते हैं। Assam में जहां भाजपा अपनी सत्ता बरकरार रखने की कोशिश में है, वहीं केरल में वाम मोर्चा लगातार दूसरी बार सत्ता में आने का प्रयास कर रहा है। पुदुचेरी में भी सत्ता परिवर्तन की संभावनाएं जताई जा रही हैं।
मतदाताओं में इस बार खासा उत्साह देखने को मिल रहा है, जो लोकतंत्र की मजबूती का संकेत है। चुनाव परिणाम आने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि किस राज्य में किस पार्टी की सरकार बनेगी, लेकिन फिलहाल सभी की नजरें मतदान प्रतिशत और राजनीतिक समीकरणों पर टिकी हुई हैं।
कुल मिलाकर, Assam, केरल और पुदुचेरी में लोकतंत्र का यह महापर्व पूरी गरिमा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है, जहां हर वोट भविष्य की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।




